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शुक्रवार, 11 सितंबर 2009

THANK YOU , ओसामा अंकल !!!

आप लोगो का क्या है आप तो यहाँ आते है मज्जा लेने कि चलो कुछ मस्ती हो जाये | भाड़ में जाये आप की मस्ती और भाड़ में जाओ ......ना जी ना आगे नहीं बोलूगा .....पीटना थोड़े ही है |
लेकिन आप की मस्ती के चक्कर में आज कितनी बड़ी गलती हुए जा रही थी मुझ गरीब से ........

आज कौन सा दिन है ??
बोलो जी बोलो ??
मालूम था... आप भी भूल गए होगे ??

अरे ,आज ९/११ है भाई !!!

कुछ याद आया ??

नहीं ??

क्या, आप भी ना !!!

अरे, वही ९/११ जब अंकल सैम को अंकल ओसामा ने आईना दिखाया था !!
अब याद आया ??
क्या कहा आ गया याद ....
चलो गनीमत है, याद तो आया !!

आज के दिन हम सब को (यानि सब भारत वासीयों को) ओसामा अंकल को THANK YOU बोलना चाहिए, फ़िर उलझ गए, thank you इस लिए कि आज के दिन के बाद ही तो अंकल सैम ने माना था कि हम लोग भी आतंकवाद नामक बीमारी के मरीज है और वो भी १९४७ के तुंरत बाद से !! नहीं तो ९/११ से पहेले तक हम लोग "स्वतंत्रता सैनानियों" के कोप के शिकार थे |
 अब आप लोगो से बाद में बात होगी, पहेले जरा इनसे निबट लिया जाये |

वहाँ एक ९/११ के होते ही पूरे विश्व में आतंकवाद के खिलाफ मुहीम शुरु हो गयी, यहाँ हम सालो से कहेते रहे तब किसी के कानो तक आवाज़ नहीं गयी | क्यों भाई, तुम्हारे लोग मरे तब पता चला दर्द क्या होता है?? वैसे तो 'विश्व विधता' बने फिरते हो !? जहाँ चाहा बम गिरा दिया, कभी पलट कर देखा किस पर गिरा ??

जब खुद पर 'हवाई' बम गिरे तो क्यों फट गयी तुम्हारी ग***  ??

भैया,हम लोगो को तो अब आदत हो गयी है एसे मरने की, तुम्हारे लिए अच्छा होगा कि तुम भी आदत डाल लो क्यों कि जिस (न)पाकिस्तान को तुम अपनी गोद में बैठा रहे हो वो ही ओसामा अंकल और उनके संगी साथीयो को पनाह देता है,खिलाता पिलाता है, उसी पैसे के बल पर जो तुम 'जेबखर्च' के नाम पर उसे देते हो| कल उसी पैसे का 'सदुपियोग' तुम पर होगा तब फ़िर मत रोना !! क्यों कि तुम में और हम में बहुत फर्क है...तुम ठहरे नाज़ुक - नाज़ुक और हमारे बारे में 'इकबाल' साहब  ने कहा था ....

है बात कुछ कि हस्ती , मिटती नहीं हमारी,
सदियों रहा है दुश्मन, आहेले जहाँ हमारा || 

इसलिए, भैया सुधरो या सिधारो  !!! 


और वैसे जो मर्ज़ी करो यार, अपना क्या जाता है ?? 
अपनी तो आदत है सो कहेते है ....जागो सोने वालो .....

1 टिप्पणी:

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