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रविवार, 20 जून 2010

पापा हार गए…

Posted by at 2:24 am Read our previous post

पापा हार गए…



रात-ठण्ड की


बिस्तर पर


पड़ी रजाईयों को अखाडा बनाता


मेरा छोटा बेटा पांच बरस का |


अक्सर कहता है -


पापा ! ढिशुम-ढिशुम खेले ?


और उसकी नन्ही मुठ्ठियों के वार से मै गिर पड़ता हूँ … धडाम


वह खिलखिला कर खुश हो कर कहता है .... ओ पापा हार गए |


तब मुझे


बेटे से हारने का सुख महसूस होता है |


आज, मेरा वो बेटा जवान हो कर ,


ऑफिस से लौटता है, फिर


बहू की शिकायत पर, मुझे फटकारता है


मुझ पर खीजता है,


तब मै विवश हो कर मौन हो जाता हूँ


अब मै बेटे से हारने का सुख नहीं,


जीवन से हारने का दुःख अनुभूत करता हूँ


सच तो ये है कि


मै हर एक झिडकी पर तिल तिल मरता हूँ |


बेटा फिर भी जीत जाता है,


समय अपना गीत गाता है …


मुन्ना बड़ा प्यारा, आँखों का दुलारा


कोई कहे चाँद कोई आँखों का तारा


- स्व। ओम व्यास ‘ओम’

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आज के दिन आइये एक संकल्प लें कि हमारे रहते कभी पापा को यह नहीं कहना पड़ेगा कि................. "मैं हार गया !"

आप सभी को पितृ दिवस की हार्दिक शुभकामनाऎँ !!

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जागो सोने वालों ...

15 टिप्‍पणियां:

  1. कोई शब्‍द नहीं बचे। वर्तमान का सत्‍य है। ऐसा नहीं है कि यह पहले नहीं हुआ लेकिन आज प्रत्‍येक घर की कहानी बन गया है। पहले लाचार माता-पिता के साथ ऐसा होता था लेकिन अब तो सशक्‍त को भी लाचार बना दिया जाता है।

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  2. मै हर एक झिडकी पर तिल तिल मरता हूँ |

    बेटा फिर भी जीत जाता है,
    बहुत सुन्दर कविता. कड़्वा सच है ये.

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  3. बेहतरीन-मर्मस्पर्शी..."

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  4. ऐसी कवितायें रोज रोज पढने को नहीं मिलती...इतनी भावपूर्ण कवितायें लिखने के लिए आप को बधाई...शब्द शब्द दिल में उतर गयी.

    कड़्वा सच है ये.

    उत्तर देंहटाएं
  5. यहाँ एक बात फिर से बता देना उचित होगा कि ये कविताएँ मेरी नहीं बल्कि स्व.ओम व्यास ‘ओम’ की है !

    उत्तर देंहटाएं
  6. दिल को छू गयी मार्मिक अभिव्यक्ति। धन्यवाद्

    उत्तर देंहटाएं
  7. मन को हिला गये आपके भाव।
    ---------
    क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
    अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  8. मर्म बेंध गयी यह रचना....भावुक कर गयी....

    उत्तर देंहटाएं
  9. मन को छू गयी भावनाओं की लहर।
    ---------
    क्या आप बता सकते हैं कि इंसान और साँप में कौन ज़्यादा ज़हरीला होता है?
    अगर हाँ, तो फिर चले आइए रहस्य और रोमाँच से भरी एक नवीन दुनिया में आपका स्वागत है।

    उत्तर देंहटाएं
  10. Om ji dwara rachit kavita uss samay bhi sahi thee, aaj ka bhi sach hai.

    Ham sankalp lete hain...aisee galati mujhse na ho.

    उत्तर देंहटाएं
  11. उम्मीद करें कि पापा को बचपन में हराने वाला बेटा जवानी में पापा को जिताने की कोशिश करे ताकि जीवन का उत्तरायण सुखद हो ।

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  12. ओम व्यास जी को आप की ओर से ये सच्ची श्रद्धांजलि है ,

    मन को स्पर्श करने वाली रचना ,
    वृद्धाश्रम में रहने वाले या घरों में ऐसा मानसिक उत्पीड़न सहने वालों का दर्द पूरी तरह से इस कविता में उभर कर आता है

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आपकी टिप्पणियों की मुझे प्रतीक्षा रहती है,आप अपना अमूल्य समय मेरे लिए निकालते हैं। इसके लिए कृतज्ञता एवं धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

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