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मंगलवार, 8 जून 2010

जब हम चले तो हिंदुस्तान चले..................

Posted by at 3:58 pm Read our previous post




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आइये एक बार................ सिर्फ़ एक बार ............मिल कर चलने की कोशिश तो करें !!
हम कर सकते है ...........................बस हम कोशिश नहीं करते...................क्यों कि हम सब एक अजीब तरह की नींद में है ...................आइये फिर से जाग जाए |

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जागो सोने वालों...............

17 टिप्‍पणियां:

  1. सही कहा, इस लोकतंत्र की राह में बहुत से ऐसे पेड़ सडको पर गिरे है जिन्हें मिलकर हटाना बहुत जरूरी है !

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  2. आईये जानें ....मानव धर्म क्या है।

    आचार्य जी

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  3. shivam ji ..na jane vo kaun sa khwaab hai jo aankhen khulne hi nahi deta .. :)

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  4. @ आचार्य जी
    आप आये बहुत अच्छा लगा पर अगर दो शब्द मेरी पोस्ट के विषय में कह देते तो शायद बात ही कुछ और होती | बुरा ना मानियेगा पर मैं भी आपका ब्लॉग पढता हूँ और यथासंभव अपनी राय भी देता हूँ पोस्ट के विषय में पर ............मैंने कभी आपके ब्लॉग को अपने प्रचार का माध्यम नहीं बनाया है और यही आशा आपसे करता हूँ कि आप भी मेरे ब्लॉग को पढने आये अपना प्रचार करने नहीं |

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  5. भैया बेनामी,
    तारीफ के लिए बहुत बहुत धन्यवाद | पर जिस अलंकृत भाषा का इस्तमाल तुमने किया था मेरी तारीफ में उसको मैं अपने किसी भी ब्लॉग में जगह नहीं दे सकता ...........सो अगर आगे कभी कुछ कहना को तो आम भाषा में कहना........... मैं उसका पूरा मान रखुगा |

    वैसे बुरा मत मानना क्या सच में माँ-बाप ने नाम नहीं दिया?

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  6. @ पारुल जी,
    सपना जरूर देखिये पर साथ साथ जागना भी जरूरी है| ..............यह तो आप जानती ही होंगी कि सदा के लिए हम कब सोते है ??

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  7. जी हां बिल्कुल... हम आपके साथ हैं।

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  8. Pahelee bar aap ke blog par ayee hoon...
    bahut acha laga...
    Hawa ko padke chalo.....
    jee han jab hum hawa ko pakad lenge to kuch bhee mushkil nahee hoga

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  9. बहुत बढ़िया,
    ये एक अलग चीज़ लगी जो वाक़ई मन में एकता के भाव जगाती है और
    कोशिश करते रहने की प्रेरणा देती है ,
    इस जागरूकता के संचार के लिए बहुत बहुत धन्यवाद

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  10. जागो शब्द सब जगह फिट है चाहे किसी भी क्षेत्र में..बेहतरीन प्रस्तुति....

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  11. Bahut sunder aur prerak post. Geet aur chitr dono hee asardar..
    Jis desh ki janta jag jati hai uspar koee julmi jyada din julm nahi dha sakta. bas uske jagane ki aur chal padane ki jaroorat hai.

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  12. Shivam, yahi neend har jagah hamara rasta roke khadi hai. jo jahan hai, vahin gahri neend men hai. chalo tum aavaj de rahe ho, kuchh log bhi sunenge to bhala hoga.

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  13. शिवम, अंग्रेजी में एक कहावत है, जिसका अर्थ है, बच्चा आदमी का बाप होता है, सो अपने बाप से हारने में क्या जाता है. हां , इधर घर से बाहर कहीं दूर मत जाना, अच्छी खबर मिलने वाली है.

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