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मंगलवार, 11 दिसंबर 2012

राष्ट्रहित मे जानिए क्या है - "India's Biggest Cover-up"

Posted by at 11:33 pm Read our previous post
सन 1945 मे नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की तथाकथित हवाई दुर्घटना या उनके जापानी सरकार के सहयोग से 1945 के बाद सोवियत रूस  मे शरण लेने या बाद मे भारत मे उनके होने के बारे मे हमेशा ही सरकार की ओर से गोलमोल जवाब दिया गया है उन से जुड़ी हुई हर जानकारी को "राष्ट्र हित" का हवाला देते हुये हमेशा ही दबाया गया है ... 'मिशन नेताजी' और इस से जुड़े हुये मशहूर पत्रकार श्री अनुज धर ने काफी बार सरकार से अनुरोध किया है कि तथ्यो को सार्वजनिक किया जाये ताकि भारत की जनता भी अपने महान नेता के बारे मे जान सके पर हर बार उन को निराशा ही हाथ आई !

श्री धर ने इस विषय पर समय समय पर पुस्तकें और विभिन्न आलेखों के माध्यम से जनता मे इस मुद्दे को जीवित रखने का प्रयास चलाये रखा है ... 

उनकी हालिया लिखी पुस्तक, "India's Biggest Cover-up"  बहुत ही कम समय मे काफी लोकप्रिय हो गई है ... आज कल मैं भी इसी पुस्तक को पढ़ने मे लगा हुआ हूँ ! जिस प्रकार से श्री धर ने नेता जी से जुड़ी इस गुत्थी को परत दर परत खोलने का प्रयास अपनी इस पुस्तक मे किया है वो सच मे तारीफ के काबिल है ... और ऐसा भी नहीं है कि आपको पढ़ते हुये कहीं से भी ऐसा लगे कि लेखक भावनाओ के आधीन हो कुछ कह रहा है ... जो भी लिखा गया है उसके पीछे उसको साबित करते हुये तथ्य भी दिये गए है !

अभी हाल ही मे अंगेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स मे एक आलेख छपा था जिस मे कि इस पुस्तक मे दिये गए एक चित्र का जिक्र था ... मैं यहाँ उस आलेख का स्कैन किया हुआ चित्र लगा रहा हूँ ताकि आप सब भी उसे पढ़ सकें !
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मेरा आप से एक अनुरोध है कि इस किताब को एक बार जरूर पढ़ें ... भारत के नागरिक के रूप मे अपने देश के इतिहास को जानने का हक़ आपका भी है ... जानिए कैसे और क्यूँ एक महान नेता को चुपचाप गुमनामी के अंधेरे मे चला जाना पड़ा... जानिए कौन कौन था इस साजिश के पीछे ... ऐसे कौन से कारण थे जो इतनी बड़ी साजिश रची गई न केवल नेता जी के खिलाफ बल्कि भारत की जनता के भी खिलाफ ... ऐसे कौन कौन से "राष्ट्र हित" है जिन के कारण हम अपने नेता जी के बारे मे सच नहीं जान पाये आज तक ... जब कि सरकार को सत्य मालूम है ... क्यूँ तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जाता ... जानिए आखिर क्या है ... 


नोट :- इस पुस्तक को आप घर बैठे भी मँगवा सकते है जैसा कि मैंने किया है ... उसके लिए आप यहाँ दिये हुये लिंक पर जाये और अपना ऑर्डर दे दें !
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जागो सोने वालों ... 

4 टिप्‍पणियां:

  1. मैं अगली किताब यही पढ़ने वाला हूँ , पक्का |

    सादर

    उत्तर देंहटाएं
  2. दिन तीन सौ पैसठ साल के,
    यों ऐसे निकल गए,
    मुट्ठी में बंद कुछ रेत-कण,
    ज्यों कहीं फिसल गए।
    कुछ आनंद, उमंग,उल्लास तो
    कुछ आकुल,विकल गए।
    दिन तीन सौ पैसठ साल के,
    यों ऐसे निकल गए।।
    शुभकामनाये और मंगलमय नववर्ष की दुआ !
    इस उम्मीद और आशा के साथ कि

    ऐसा होवे नए साल में,
    मिले न काला कहीं दाल में,
    जंगलराज ख़त्म हो जाए,
    गद्हे न घूमें शेर खाल में।

    दीप प्रज्वलित हो बुद्धि-ज्ञान का,
    प्राबल्य विनाश हो अभिमान का,
    बैठा न हो उलूक डाल-ड़ाल में,
    ऐसा होवे नए साल में।

    Wishing you all a very Happy & Prosperous New Year.

    May the year ahead be filled Good Health, Happiness and Peace !!!

    उत्तर देंहटाएं
  3. Jaroor padhoongi ye kitab. Maine 2-3 sal pahale Mahanayak by Vishwas Patil padhee thee kamal kee kitab hai aur isake liye unhone salon Shodh kiya. Hindustan ke hee nahee Japan aur ermany ke archives chane. Yah Hindi men bhee upalabdh hai.

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणियों की मुझे प्रतीक्षा रहती है,आप अपना अमूल्य समय मेरे लिए निकालते हैं। इसके लिए कृतज्ञता एवं धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

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