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बुधवार, 27 जुलाई 2011

कुछ घाव कभी नहीं भरते ...

Posted by at 10:18 pm
कुछ लोग यह भूल जाते है कि चाहे कितना भी समय गुज़र जाए ... कुछ घाव कभी भी नहीं भरते ...



शहीदों को सलाम

कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मंगलवार 26 जुलाई को इस युद्ध के शहीदों को देश भर में याद किया गया और उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इस मौके पर रक्षा मंत्री एके एंटनी और सेना के तीनों अंगों के प्रमुखों ने नई दिल्ली के इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर इन शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

दोस्ती का हाथ

नई दिल्ली, 26 जुलाई मंगलवार को हैदराबाद हाउस में भारत-पाक के बीच विदेश सचिव स्तर की वार्ता से पूर्व भारत की विदेश सचिव निरुपमा राव पाकिस्तानी समकक्ष सलमान बशीर से हाथ मिलाते हुए।

नमन

कारगिल विजय दिवस पर मंगलवार, 26 जुलाई को जम्मू-कश्मीर में द्रास स्मारक पर सेना ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
 
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इस 'दोस्त' की दोस्ती हर बार कोई न कोई घाव दे ही जाती है ... फिर भी हर बार एक नयी वार्ता क्यों ???
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जागो सोने वालों ...


रविवार, 10 जुलाई 2011

विश्व का सब से छोटा लतीफा ...

Posted by at 12:02 am
अब तक कहा जाता था कि विश्व का सब से छोटा लतीफा है ... "सरदार जी शतरंज खेल रहे है" ... पर आज के बाद विश्व का सब से छोटा लतीफा होगा ... "राहुल गांधी किसानो के मसीहा है" ... साफ़ साफ़ देखा गया आज किसानो के नाम पर किस तरह कांग्रेस ने अपना उल्लू सीधा किया है ... "किसान महा पंचायत" के नाम पर सिर्फ़ ११ ... जी हाँ सिर्फ़ ११ ... किसान नेताओ को बोलने का मौका दिया गया ...  फिर बोले कांग्रेस के इस देश पर थोपे हुए युवराज, राहुल गांधी , वही रटे रटाये जुमले ... वही बातें ... कोई नयापन नहीं, कोई अपनापन नहीं ... बातें हजारो ... वादे हजारो ... इरादा सिर्फ़ एक ... अपना और अपनी पार्टी का उल्लू सीधा करना ... भोली भली जनता को उल्लू बना कर ...   दूसरी ओर किसान देखते रहे कि किस तरह उन का मसीहा उनकी ही कीमत पर अपनी राजनीती चमका रहा है ... कब तक आखिर कब तक ... गरीब जनता को मुर्ख बनाया जाता रहेगा !!! 

अगले साल उत्तर प्रदेश में चुनाव होने है तो आज इन लोगो को किसान के दुःख दर्द याद आया है ... अब तक कहाँ थे यह सब ... गिद्ध से कम नहीं है यह लोग ... यह तभी आते है जब मुसीबत सर पर हो ... इंतज़ार करते है ... कब दम टूटे और इन की दावत हो ... लानत है इन पर ...


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कब तक आखिर कब तक ... सोते रहोगे यारो ... अब बहुत हुआ ... उठो ... जागो ...  

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जागो सोने वालों ...

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